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आज सरेंडर कर सकती हैं ‘पापा’ की परी और सबसे बड़ी राजदार हनीप्रीत!

साध्वी से रेप मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की सजा के बाद फरार हुई हनीप्रीत अब सामने आईं है। हनीप्रीत ने कुछ मीडिया संस्थानों से बातचीत कर अपने और राम रहीम से रिश्तों के बारे में सफाई दी। ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि हनीप्रीत आज पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में सरेंडर कर सकती हैं। बता दैं कि हनीप्रीत को पिछले एक महीने से दो मुल्कों और सात राज्यों की पुलिस ढूंढ़ रही थी।

सरेंडर की सूचना से पुलिस का इनकार
वहीं पंचकूला के पुलिस कमिश्नर एएस चावला ने एक मीडिया संस्थान को बताया कि हनीप्रीत के सरेंडर करने के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी कोई याचिका कोर्ट में दायर की जाती है, तो पुलिस अपना पक्ष रखेगी।

दिल्ली हाई कोर्ट से लगा था झटका
लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद इधर-उधर भटक रही हनीप्रीत ने दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांजिट अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी। इतना ही नहीं नसीहत के तौर पर कोर्ट ने उसे वॉर्निंग भी दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट की नसीहत के बाद से आज छुट्टियों के बाद कोर्ट खुला है। उम्मीद की जा रही है कि 38 दिन से फरार हनीप्रीत आज पंचकूला कोर्ट या फिर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत की गुहार लगा सकती है।
कोर्ट ने कहा था कि हनीप्रीत को अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती क्योंकि यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट के जूरिडिक्शन में नहीं आता। कोर्ट ने इस आधार पर आदेश जारी किया कि हनीप्रीत गिरफ्तारी से बचती रही और इसलिए किसी विशेष राहत की हकदार नहीं है।
कोर्ट ने कहा कि हनीप्रीत का पता दिल्ली का नहीं है। ऐसे में यह दिल्ली का मामला बनता ही नहीं। आप यहां बस वक्त खराब कर रहे हैं। आप इस तरह की याचिका दायर करके और ज्यादा वक्त चाहते हैं ताकि गिरफ्तारी से बचा जा सके। आपको दिल्ली हाईकोर्ट की बजाय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करनी चाहिए। हनीप्रीति के वकील ने कहा कि हम कोर्ट के फैसले को पूरी तरह पढ़ेंगे और उसके बाद ही अगला कदम उठाएंगे।

समर्पण का विकल्प
हाईकोर्ट ने हनीप्रीत को विकल्प दिया कि वह चाहे तो दिल्ली की निचली अदालत में आत्मसमर्पण कर सकती है। हालांकि इसके लिए हाईकोर्ट ने उसे किसी तरह का संरक्षण या गिरफ्तारी से रोक लगाने जैसे आदेश देने से इनकार कर दिया।

राजद्रोह का आरोप
इससे पहले हरियाणा पुलिस ने हाईकोर्ट में हनीप्रीत की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया। कहा कि हनीप्रीत पर राजद्रोह व हिंसा फैसला जैसे गंभीर आरोप हैं। ऐसे में उसे अपनी पसंद से मंच (कोर्ट) चुनने की स्वतंत्रता नहीं मिलनी चाहिए।
वदिल्ली पुलिस ने भी हरियाणा पुलिस का समर्थन करते हुए कहा कि हनीप्रीत को दिल्ली की बजाए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करना चाहिए था। हरियाण पुलिस ने कहा कि आरोपी हरियाणा में याचिका दाखिल कर सकती है

जान को खतरा बताया
याचिका के माध्यम से प्रियंका तनेजा इंशा उर्फ हनीप्रीत ने अपनी जान को खतरा बताते हुए तीन सप्ताह के लिए अग्रिम जमानत देने की मांग की। इसके लिए उसके वकील प्रदीप कुमार आर्य ने हरियाणा पुलिस महानिदेशक के उस बयान को भी आधार बनाया जिसमें उन्होंने कहा था कि हनीप्रीत की जान को खतरा है। वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल दिल्ली से हरियाण जाकर जांच में शामिल होना चाहती है, लेकिन इसके लिए उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी जाए। उनके मुवक्किल हनीप्रीत के लिए हरियाणा और पंजाब में माहौल उचित नहीं है, इसलिए वहां पर उसकी जान को खतरा है।

25 अगस्त से फरार
दुष्कर्म के मामले में 25 अगस्त को पंचकूला की विशेष अदालत में राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद भड़की हिंसा के बाद से हनीप्रीत फरार है। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ राजद्रोह एवं हिंसा फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस उसकी तलाश में देश के अलावा विदेश, खासकर नेपाल में भी कर रही थी। राम रहीम दोषी ठहराने के बाद पंचकूला व आसपास के शहरों में भड़की हिंसा में 41 लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में हरियाणा पुलिस ने हनीप्रीत सहित 43 लोगों को आरोपी बनाया है।

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